पà¥à¤°à¥‡à¤®, परमà¥à¤ªà¤°à¤¾ और सामाजिक कà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤à¤¿ के पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ के सà¤à¥€ पकà¥à¤·à¥‹à¤‚ पर à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤•वादी दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण से सांगोपांग और सारगरà¥à¤à¤¿à¤¤ विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करने वाली यह पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• यà¥à¤µà¤¾à¤“ं, समाज-वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों और जागरूक पाठकों के लिठन केवल बेहद उपयोगी और विचारोतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤• है, बलà¥à¤•ि इस विषय पर अपने ढंग की अकेली पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• है।