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Cover of RAMDARASH MISHRA : JEEVAN AUR SAHITYA

RAMDARASH MISHRA : JEEVAN AUR SAHITYA

(Hardcover)

OM NISHCHAL,

Sarv Bhasha Trust (Publisher)

Published
2023
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हद क सहतय क सकरय परदशय म यह पहल बर घटत ह रह ह क एक लखक अपन उमर क सव वरष म ह। सभवत: रमदरश मशर हद क ऐस पहल सहतयकर ह ज अपन जवत रहत हए जनम शतबद मन रह ह। यह भ सयग ह क कयक शथलय क बवजद व घर म चल-फर लत ह, लखक क आन पर उनस जवतत स बतयत ह, अपन सनत ह और उनक सनत ह। एक सहज उतफललत और उदर समत स भर उठत ह। जस कई अपन अकवर म भरकर बचच क तरह दलर रह ह। हमर यह जतन भ सकरय रचनकर ह उनम स अधकश उनस लगभग 18 -20 वरष कम उमर क हग। इस क बवजद बवजद व अब भ कवतए, गजल, मकतक और डयर नयमत रप स लखत ह और घर पर आई हई पतर-पतरकए पढत ह और पढ कर खश हत ह। सबह समय स जग जत ह और शम क भजन थड पहल ह कर लत ह। 99 सल क उमर म कलह क ऑपरशन क बवजद घर म उनक आमदरफत बन रहत ह और अगर बठक क बच कछ यद ह आए त वह अपन डयर य पसतक लन क लए सवय ह उठ खड हत ह। यह एक शत परष क दनचरय ह और यह उसस आग क पढय क लए अनकरणय भ ह।

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