हद क सहतय क सकरय परदशय म यह पहल बर घटत ह रह ह क à¤à¤• लखक अपन उमर क सव वरष म ह। सà¤à¤µà¤¤: रमदरश मशर हद क à¤à¤¸ पहल सहतयकर ह ज अपन जवत रहत हठजनम शतबद मन रह ह। यह ठसयग ह क कयक शथलय क बवजद व घर म चल-फर लत ह, लखक क आन पर उनस जवतत स बतयत ह, अपन सनत ह और उनक सनत ह। à¤à¤• सहज उतफललत और उदर समत स à¤à¤° उठत ह। जस कई अपन अकवर म à¤à¤°à¤•र बचच क तरह दलर रह ह। हमर यह जतन ठसकरय रचनकर ह उनम स अधकश उनस लगà¤à¤— 18 -20 वरष कम उमर क हग। इस क बवजद बवजद व अब ठकवतà¤, गजल, मकतक और डयर नयमत रप स लखत ह और घर पर आई हई पतर-पतरकठपढत ह और पढ कर खश हत ह। सबह समय स जग जत ह और शम क à¤à¤œà¤¨ थड पहल ह कर लत ह। 99 सल क उमर म कलह क ऑपरशन क बवजद घर म उनक आमदरफत बन रहत ह और अगर बठक क बच कछ यद ह आठत वह अपन डयर य पसतक लन क लठसवय ह उठखड हत ह। यह à¤à¤• शत परष क दनचरय ह और यह उसस आग क पढय क लठअनकरणय ठह।