किताब के बारे में: सतà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤ªà¥à¤°à¤•ाश à¤à¤• गहन और परिवरà¥à¤¤à¤¨ कारीगà¥à¤°à¤‚थ है जो वैदिक सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों की ओर लौटने को बढ़ावा देकर हिंदू धरà¥à¤® को फिर से जीवंत करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करता है। सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ दयानं दसरसà¥à¤µà¤¤à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लिखित, यह पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• वैदिक à¤à¤•े शà¥à¤µà¤°à¤µà¤¾à¤¦, तरà¥à¤•वाद और सामाजिक सà¥à¤§à¤¾à¤° पर जोर देती है। यह मूरà¥à¤¤à¤¿ पूजा, अंध विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ और जाति विà¤à¤¾à¤œà¤¨ की आलोचना करते हà¥à¤ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की खोज, सामाजिक समानता और निराकार सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤šà¤ˆà¤¶à¥à¤µà¤° के साथ सीधे संबंध की वकालत करता है। यह पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• वेदों में पाठजाने वाले शाशà¥à¤µà¤¤à¤¸à¤¤à¥à¤¯à¥‹à¤‚ पर आधारित à¤à¤• तरà¥à¤• संगत और सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ हिंदू समाजका आहà¥à¤µà¤¾à¤¨ थी, जिसने इसे आरà¥à¤¯ समाजआंदोलन में à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारà¥à¤¯ बना दिया। लेखक के बारे में: सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€à¤¦à¤¯à¤¾à¤¨à¤‚दसरसà¥à¤µà¤¤à¥€ (1824-1883) à¤à¤•हिंदूदारà¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤•, सामाजिक नेता और आरà¥à¤¯à¤¸à¤®à¤¾à¤œ के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ª कथे, जो हिंदू धरà¥à¤® को उसकी वैदिक जड़ों कीओर वापस लाने केउदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से à¤à¤• सà¥à¤§à¤¾à¤° वादी आंदोलनथा। उनकी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•, सतà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤ªà¥à¤°à¤•ाश (1875), वेदोंकी सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤šà¤¤à¤¾ पर जोर देती है, à¤à¤•ेशà¥à¤µà¤°à¤µà¤¾à¤¦, तरà¥à¤•वाद और मूरà¥à¤¤à¤¿à¤ªà¥‚जा और अंधविशà¥à¤µà¤¾ सोंकी असà¥à¤µà¥€à¤•ृति की वकालत करती है। दयानंदने अदà¥à¤µà¥ˆà¤¤à¤µà¥‡à¤¦à¤¾à¤‚त और शà¥à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤¦à¥à¤µà¥ˆà¤¤ सहितविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨à¤¦à¤¾à¤°à¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की आलोचनाकी और जातिà¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µ के उनà¥à¤®à¥‚लन और महिलाओंके उतà¥à¤¥à¤¾à¤¨ जैसे सामाजिक सà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ को बढ़ावा दिया।उनके अनà¥à¤¯à¤•ारà¥à¤¯à¥‹à¤‚मेंवेदों पर टिपà¥à¤ªà¤£à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, संसà¥à¤•ृतवà¥à¤¯à¤¾ करण और कई धारà¥à¤®à¤¿à¤• बह सें शामिल हैं, जो हिंदूधरà¥à¤® के लिठà¤à¤•तरà¥à¤• संगत और सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€à¤¦à¥ƒà¤·à¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण को बढ़ावा देती हैं। The Title 'सतà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥ पà¥à¤°à¤•ाश (Satyarth Prakash) written/authored/edited by महरà¥à¤·à¤¿ दयानंद सरसà¥à¤µà¤¤à¥€ (Maharshi Dayanand Saraswati)', published in the year 2025. The ISBN 9789367807521 is assigned to the Hardcover version of this title. This book has total of pp. 480 (Pages). The publisher of this title is Gyan Publishing House. This Book is in Hindi. The subject of this book is Hinduism. Size of the book is 22.59 x 28.94 cms.