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Cover of गोदान (Godan)

गोदान (Godan)

(Paperback)

मुंशी प्रेमचंद (Munshi Premchand),

Nai Sadi Book House (Publisher)

Published
01-01-16
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मश परमचद न ज कछ भ लख ह, वह आम आदम क वयथ कथ ह, चह वह गरमण ह य शहर। गव क अवयवसथ, कसन क तडप, गरमण समज क वसगतय, अधवशवस, उतपडन और पड क सचच तसवर परसतत करत ह - गदन। मश परमचद क चर-परचत शल क जत-जगत उदहरण ह गदन, ज जमन स जड हककत क बनकब करत ह। वशव क सरवधक भषओ म अनवद हकर बकन क गरव कवल गदन क ह परपत ह। ‘गदन’ क सरवधक परमणक ससकरण एक सपरण उपनयस।

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