कविताओं का यह संगà¥à¤°à¤¹ जीवन के सà¤à¥€ रंगों का संगम माना जा सकता है। à¤à¤• आम आदमी के जीवन के सà¤à¥€ अनà¥à¤à¤µ; à¤à¤¾à¤µà¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ से लेकर मन को तोड़ देने वाली मà¥à¤¶à¥à¤•िलों तक, यà¥à¤µà¤¾ सोच के जोश से लेकर वृदà¥à¤§ संवेदनाओं तक, देश की बदलती राजनैतिक वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से लेकर वà¥à¤¯à¤¾à¤•à¥à¤² सामाजिक चेतना तक; इन कावà¥à¤¯à¤§à¤¾à¤°à¤¾à¤“ं में सब समाहित हैं। विषय वसà¥à¤¤à¥ के आधार पर किताब को तीन अधà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ में वरà¥à¤—ीकृत किया गया है – जीवन और दरà¥à¤¶à¤¨, राषà¥à¤Ÿà¥à¤° और राजनीति à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¥‡à¤® और पीड़ा। जनà¥à¤® तथा मृतà¥à¤¯à¥ के बीच जीवन के कई अनà¥à¤à¤µ होते हैं, कई घटनाà¤à¤ होती हैं, कई सà¥à¤– होते हैं, कई दà¥à¤– होते हैं, किंतॠइन सब के बावजूद जीवन अविरल चलता रहता है – यह रचना मूल रूप से जीवन की इसी अविरल धारा का संदेश देती है।