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Cover of Quran to hai par Musalman koi nahin (कुरान तो है पर मुसलमान कोई नहीं)

Quran to hai par Musalman koi nahin (कुरान तो है पर मुसलमान कोई नहीं)

(Perfect)

Rameshwar Misra 'Pankaj' and Kusumlata Kedia (प्रो. रामेश्वर मिश्र ‘पंकज’ प्रो. कुसुमलता केडिया),

Akshaya Prakashan (Publisher)

Published
2024
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जो लोग इस्लाम की आड़ में ‘लॉ लेसनेस्’ करते हैं, वे स्वयं इस्लाम के आधारभूत स्तंभों का पालन नही करते! अत: कुरान - हदीस के अनुसार उन्हें मोमिन नहीं कहा जा सकता! ऐसे लोग तो वस्तुत: बनावटी मुसलमान है! इस्लाम इनके लिए अवैध-आपराधिक कार्यो के लिए एक ढाल भर है, इनकी इस्लाम में कोई आस्था नही है! कुरान के अनुसार, उन्हें इस्लाम के नाम पर मस्जिद, मदरसा, कब्रिस्तान, मजार, दरगाह, आदि पर और उनके प्रबंध पर कोई भी हक नही है – निगमानन्द

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