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Cover of Pather Panchali

Pather Panchali

(Hardback)

Manmathnath Gupta, Vibhutibhushan Vandhopadhayay,

nayee kitab prakashan (Publisher)

Published
2021
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बगल क सपरसदध लखक वभतभषण बदयपधयय (12.9.1894–1. 11.1950) क अमर कत ‘पथर पचल’ बगल ह नह, बलक समसत भरतय भषओ क शरषठतम कतय म स एक ह जस अपन रचनकल (1929) क बद स अब तक पठक क सरवधक चहत पसतक म स एक हन क गरव परपत ह । बगल क नमन–मधय वरग क जवन और समज क सचचई स भर–पर वभत बब क इस औपनयसक कथ म ‘अप’ ,क अमर पतर ह जसक इरद–गरद रच घर–ससर म व पर बगल क जन–मन क आतरकत क चतरण करत हए उस जमन और यग क जटलओ तथ वह क सधरणत म असधरणत क तलश क अनख कलज रचत ह ज हम बधत और अनक जगह पर बधत भ ह । इस तरह व पठक क मन–मसतषक पर अपन पर समरजय सथपत कर लत ह ज उनक रच–नरमत कए दरय म बहत चल जत ह । यह कहन पठक क सध–सध सथपत वयवसथ क वरदध उदवलत नह करत बलक इसम आदम क जन–मरन और सघरष करन क ववशत और परसथतय ह उस भतर तर पर बदलव क रसत सझत ह । वभत बब क असल जगह उनक दर–दर तक फल पठक क म/य ह । सतयजत रय न उनक इस लकपरय उपनयस पर अपन परसदध नटक–फलम ‘पथर पचल’ (1955) क नरमण कय जस पर उनह ‘आसकर परसकर’ (1992) मल । यह फलम 13 सपतह तक कलकतत क सनम घर म हउसफल रह जसक शटग कलकतत क नकट बरल गव म हई थ । ‘पथर पचल’ वभत बब क कलम स उकर गई बगल भष और ससकत क महन और अमर चतरकत ह । इस उपनयस क हद अनवद करन वल करतकर–लखक मनमथनथ गपत सवय भ बगलभष समज स तललक रखत ह ज मल क गहरई स सपरचत ह । –सधर वदयरथ

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