अनà¥à¤°à¤¾à¤— अननà¥à¤¤ की कहानियों की विशिषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ यह है कि वह कथा के लिठकिसी ‘बाहरी अनà¥à¤¯â€™ पर निरà¥à¤à¤° नहीं हैं। अपनी निरà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¿, अपनी गति, विवरण, अपनी आखà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤•ता के सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¤à¥à¤¯ और उसके ‘इंटीरियर’ (आनà¥à¤¤à¤°à¤¿à¤•ता) को बनाने के लिठसारे जरूरी पदारà¥à¤¥ या सामगà¥à¤°à¥€ वह अपने ही à¤à¥€à¤¤à¤° से जà¥à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥€ और गढ़ती हैं। ‘मà¥à¤¹à¤¾à¤µà¤°à¥‡ की मौत’ की कई कहानियाठà¤à¤¸à¥€ हैं, जो कहानी के कहानी होने का ही विधà¥à¤µà¤‚स करती हैं और अपनी मौलिकता के जादà¥à¤ˆ समà¥à¤®à¥‹à¤¹à¤¨ से वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• जीवन का सच अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ करने का विरल और दà¥à¤·à¥à¤•र पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ à¤à¤• सतत विरोधाà¤à¤¾à¤¸à¥€ सहजता के साथ करती हैं। ये कहानियाठआज की और समà¥à¤à¤µà¤¤à¤ƒ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की कहानी को, कहानी से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ की कहानियाठहोने का आसनà¥à¤¨ संकेत देती हैं। इस संगà¥à¤°à¤¹ की कोई à¤à¥€ à¤à¤• कहानी उठाइà¤, मसलन पहली ही कहानी, जिसका शीरà¥à¤·à¤• है ‘तà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¦à¥€ का सिदà¥à¤§à¤¾à¤¨à¥à¤¤â€™ और इसके पाठ(टेकà¥à¤¸à¥à¤Ÿ) के किसी à¤à¥€ वाकà¥à¤¯ या पैरागà¥à¤°à¤¾à¤« के किसी à¤à¥€ à¤à¤• बिनà¥à¤¦à¥ पर कलम या करà¥à¤¸à¤° रख दीजिà¤, फिर देखिà¤à¥¤ à¤à¤• साथ कई-कई संसà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚, कई परतों में à¤à¤• अकेले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के जीवन के कई पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥‚प जनà¥à¤® लेने लगते हैं। सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿, अनà¥à¤à¤µ, सिनेमा, विà¤à¥à¤°à¤®, अवसनà¥à¤¨à¤¤à¤¾, जागृति, मूरà¥à¤šà¥à¤›à¤¾, नींद, कविता, कैनवास, सैरा, परिवार, समय, समाज, वरà¥à¤šà¥à¤…ल, रियल, सतà¥à¤¯, असतà¥à¤¯, सूचना, अफवाह आदि आदि...। सब के सब à¤à¤• दूसरे में घà¥à¤²à¤¤à¥‡-पिघलते हà¥à¤à¥¤ à¤à¤• अजब काइनेटिक फरà¥à¤®à¥‡à¤‚टेशन। कोई हतपà¥à¤°à¤ करता, आà¤à¤–ें खोलता, पीड़ित और सà¥à¤–द à¤à¤• साथ करता हà¥à¤† निरनà¥à¤¤à¤° बदलता गतिशील विनà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¥¤ किसी à¤à¥€ शहर का नाम लो, हर शहर के à¤à¤• अकेले जीवन की à¤à¤¸à¥€ कहानियाà¤, जिनके दिल में à¤à¤• सà¥à¤°à¤¾à¤– है, à¤à¤• गहरा कà¥à¤†à¤, à¤à¤¸à¥€ कहानियाठजिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नींद नहीं आती, जो सपनों को खाती हैं और आà¤à¤¸à¥à¤“ं को पीती हैं, जो अचानक अपने गदà¥à¤¯ को तà¥à¤¯à¤¾à¤— कर कविता बन जाती हैं, फिर उसे à¤à¥€ तजते हà¥à¤ किसी चितà¥à¤° या फिलà¥à¤® के गतिमय दृशà¥à¤¯ रचने लगती हैं। और यह सारा कà¥à¤› किसी à¤à¤¸à¥‡ ‘गà¥à¤°à¤¾à¤‚ड इवेंट’ की तरह है, जिसे मà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤¸à¤¿à¤ªà¥‡à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ के सà¥à¤¨à¤¸à¤¾à¤¨ पारà¥à¤• का à¤à¤• गारà¥à¤¡ अचानक अपना डंडा घà¥à¤®à¤¾à¤•र डाà¤à¤Ÿà¤¤à¥‡ हà¥à¤, पलक à¤à¤ªà¤•ते गायब कर देता है। —उदय पà¥à¤°à¤•ाश