
Main Nastik Kyon Hoon? + Bhagat Singh Jail Diary | Set of 2 Hindi Books
(Paperback)
Bhagat Singh, Yadvinder Singh Sandhu,
Prabhat Prakashan Pvt. Ltd. (Publisher)
Ships within 2-4 days
Out Of Stock

(Paperback)
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" 9789355219237- Main Nastik Kyon Hoon? | Hindi Translation of Why I Am An Atheist? पहले नेता, जिनके संपरà¥à¤• में मैं आया, हालाà¤à¤•ि आशà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ नहीं थे, लेकिन वह ईशà¥à¤µà¤° के असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ को नकारने का साहस नहीं कर सकते थे। à¤à¤—वानॠके बारे में मेरे लगातार सवालों पर वह कहा करते थे, जब à¤à¥€ आप चाहें, पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ करें। अब उस पंथ को अपनाने के लिठनासà¥à¤¤à¤¿à¤•ता रहित साहस की आवशà¥à¤¯à¤•ता थी।दूसरे नेता, जिनके संपरà¥à¤• में मैं आया, वह दृढ़ आसà¥à¤¤à¤¿à¤• थे। मà¥à¤à¥‡ उनके नाम का उलà¥à¤²à¥‡à¤– करने दें समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ साथी शचींदà¥à¤°à¤¨à¤¾à¤¥ सानà¥à¤¯à¤¾à¤², जो अब कराची षडà¥à¤¯à¤‚तà¥à¤° मामले में आजीवन कारावास की सजा à¤à¥‹à¤— रहे हैं। 9789353224721- Bhagat Singh Jail Diary माठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ के अमर सपूत शहीद à¤à¤—तसिंह के बारे में हम जब à¤à¥€ पढ़ते हैं, तो à¤à¤• पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ हमेशा मन में उठता है कि जो कà¥à¤› à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने किया, उसकी पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾, हिमà¥à¤®à¤¤ और ताकत उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कहाठसे मिली? उनकी उमà¥à¤° 24 वरà¥à¤· à¤à¥€ नहीं हà¥à¤ˆ थी और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फाà¤à¤¸à¥€ पर चढ़ा दिया गया। लाहौर (पंजाब) सेंटà¥à¤°à¤² जेल में आखिरी बार कैदी रहने के दौरान (1929-1931) à¤à¤—तसिंह ने आजादी, इनसाफ, खà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾à¤°à¥€ और इजà¥à¤œà¤¤ के संबंध में महानॠदारà¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤•ों, विचारकों, लेखकों तथा नेताओं के विचारों को खूब पढ़ा व आतà¥à¤®à¤¸à¤¾à¤¤à¥ किया। इसी के आधार पर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जेल में जो टिपà¥à¤ªà¤£à¤¿à¤¯à¤¾à¤ लिखीं, यह जेल डायरी उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ का संकलन है। à¤à¤—तसिंह ने यह सब à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ को यह बताने के लिठलिखा कि आजादी कà¥à¤¯à¤¾ है, मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ कà¥à¤¯à¤¾ है और इन अनमोल चीजों को बेरहम तथा बेदरà¥à¤¦ अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥‹à¤‚ से कैसे छीना जा सकता है, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को बदहाल और मजलूम बना दिया था। "
