वह शदशद थ। बव बहद खबसरत थ, मगर बजर औरत क सहबत उस कह जयद पसद थ। शरब शबब और कबब क अववल दरज क रसय आकश चधर बव कतर ठथ। जन कतन दसत क खन क आस रल चक थ और आग जन कतन परवर उसक वजह स उजडन वल थ, लहज उसस खदक खन वल क कई कम नह थ। à¤à¤¸ खरदमग और गर हठचरतर क शखस अगर à¤à¤• रज अपन जन स हथ ध बठत कय बड बत थ? अब सवल य थ क बलल क गल म घट बध त आखर बध कसन?