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Cover of GAYA MEIN EK ADAD DALIT: (first edition, 2016)

GAYA MEIN EK ADAD DALIT: (first edition, 2016)

(Hardcover)

Mohandas Naimishray,

HINDI BOOK CENTRE, NEW DELHI (Publisher)

Published
2016
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गया जहाँ हिन्दू धर्म कि परम्पराओं / प्रथाओं / रीतियों तथा विशेष रूप से पिंडदान के लिए प्रसिद्द है, वहीँ बोध गया तथागत बुद्ध के समता तथा बंधुता से हमें परिचित करता है | पर कुछ और भी अनसुलझे पहलू हैं, जिन्हें प्रसिद्द दलित कथाकार मोहनदास नैमिशराय ने वहीँ जाकर, उसी परिवेश के जीवंत पात्रों से रु-ब-रु होकर सुलझाने का प्रयास किया है | एक ऒर जर्जर होती हिन्दू धर्म कि परम्पराएं दूसरी तरफ सामाजिक बदलाव कि बयार |
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