"9789390378883" Inspector Ranjeeta इंसà¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤° रंजीता नामक यह पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• 20 à¤à¤¸à¥€ कहानियों का संगà¥à¤°à¤¹ है, जिसमें रोमांच है, रहसà¥à¤¯ है। ये सारी कहानियाठà¤à¤• à¤à¤¸à¥€ पà¥à¤²à¤¿à¤¸ अधिकारी से गहरा संबंध रखती हैं, जोकि à¤à¤• खूबसूरत यà¥à¤µà¤¤à¥€ है। वह अपनी सूà¤à¤¬à¥‚ठसे जटिलतम पà¥à¤²à¤¿à¤¸ पà¥à¤°à¤•रणों की विवेचना कर सà¥à¤²à¤à¤¾ लेती है। ये सारी à¤à¤¸à¥€ कहानियाठहैं, जो वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ आधà¥à¤¨à¤¿à¤• समाज में जब-तब घटित हो ही जाती हैं। इस कहानी की मà¥à¤–à¥à¤¯ किरदार इंसà¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤° रंजीता इस पà¥à¤°à¤•ार की घटनाओं की बड़ी ही बहादà¥à¤°à¥€ से छानबीन कर अपराधी को जेल की सलाखों के पीछे पहà¥à¤à¤šà¤¾ देती है। "9789355211019" Byomkesh Bakshi ki Romanchkari Kahaniyan सारदेंदॠबंदà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¤¾à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤¯ के कालजयी डिटेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ बà¥à¤¯à¥‹à¤®à¤•ेश बखà¥à¤¶à¥€ की लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ कई दशकों से बरकरार है। 1930 के दशक में ‘किरदार’ की रचना के साथ वह कलकतà¥à¤¤à¤¾ के घर-घर में लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ हà¥à¤ और फिर 1990 के दशक में टी.वी. पर जाना-माना चेहरा बने। अपने दोसà¥à¤¤ और हमजोली अजीत के साथ बà¥à¤¯à¥‹à¤®à¤•ेश शायद à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सबसे चहेते साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• डिटेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ में से à¤à¤• हैं। इस संगà¥à¤°à¤¹ में तीन à¤à¤¸à¥€ पहेलियाठहै "9789390900824" LOKPRIYA JASOOSI KAHANIYAN दीवारों के à¤à¥€ कान होते हैं’, हिंदी में इस कहावत का कà¥à¤¯à¤¾ आधार है? इसकी परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ या वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ की कोई जरूरत नहीं है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤• अनपढ़ à¤à¥€ इसका मतलब समà¤à¤¤à¤¾ है। ★★जासूसी का इतिहास बहà¥à¤¤ लंबा है। पाà¤à¤š हजार साल पीछे जाà¤à¤ तो महाà¤à¤¾à¤°à¤¤ में à¤à¥€ कई मिसाल मिल जाà¤à¤à¤—ी। पांडवों का अजà¥à¤žà¤¾à¤¤à¤µà¤¾à¤¸ à¤à¤‚ग करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¤• जासूसी पà¥à¤°à¤•रण नहीं तो और कà¥à¤¯à¤¾ है!