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Cover of Bihari Ratnakar (1st 100 Dohe)

Bihari Ratnakar (1st 100 Dohe)

(Paperback)

Jagannath Das Ratnakar, Rajeshwar Prasad Chaturvedi & Ajay Goyal,

SAHITYA SAROWAR ORIGINAL BLACK CLASSIC (Publisher)

Published
01-01-24
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रत्नाकर जी की बिहारी रत्नाकर नामक एक अंतिम टीका है, यह सर्वांग सुंदर है। सतसई के अनुवाद भी संस्कृत, उर्दू (फारसी) आदि में हुए हैं और कतिपय कवियों ने सतसई के दोहों को स्पष्ट करते हुए कुंडलिया आदि छंदों के द्वारा विशिष्टीकृत किया है। अन्य पूर्वापरवर्ती कवियों के साथ भावसाम्य भी प्रकट किया गया है।

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