पपà¥à¤ªà¥‚ सिंह पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤ªà¤¤ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लिखित à¤à¤¾à¤°à¤¤ का इतिहास पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• आरपीà¤à¤¸à¤¸à¥€ सà¥à¤•ूल वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤¤à¤¾ के पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® अनà¥à¤¸à¤¾à¤° लिखी गई है यह किताब सà¥à¤•ूल वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤¤à¤¾ की तैयारी करने वालों के लिठरामबाण का काम करेगी | इस किताब में पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ काल मधà¥à¤¯à¤•ाल और आधà¥à¤¨à¤¿à¤• काल तीनों का सटीक वरà¥à¤£à¤¨ किया गया है यह किताब असिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° नेट जेआरà¤à¤« पीजीटी टीजीटी जीआईसी और अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—ी परीकà¥à¤·à¤¾à¤“ं के लिठà¤à¥€ बहà¥à¤¤ ही महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है