सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¨à¥à¤¦à¤¤à¤¾à¤µà¤¾à¤¦ अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ के रोमांटिसिजà¥à¤® शबà¥à¤¦ का, हिनà¥à¤¦à¥€ परà¥à¤¯à¤¾à¤¯ माना जाता है। सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¨à¥à¤¦à¤¤à¤¾à¤µà¤¾à¤¦ को महतà¥à¤µ देकर उसकी कावà¥à¤¯à¤§à¤¾à¤°à¤¾ को अगà¥à¤°à¤¸à¤° करने वालो मे शà¥à¤°à¥€à¤§à¤° पाठक, बचà¥à¤šà¤¨, नोनà¥à¤¦à¥à¤° शरà¥à¤®à¤¾ और रामेशà¥à¤µà¤° शà¥à¤•à¥à¤² अंचल जैसे कवियों का महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगदान रहा है। सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¨à¥à¤¦à¤¤à¤¾à¤µà¤¾à¤¦à¥€ पà¥à¤°à¤•ृति से पà¥à¤°à¥‡à¤® करता है, साथ ही राजनीतिक, सामाजिक कलातà¥à¤®à¤• सतà¥à¤¤à¤¾ से विदà¥à¤°à¥‹à¤¹ । इसमें विषयगत सौनà¥à¤¦à¤°à¥à¤¯ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को कलातà¥à¤®à¤• तथा मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ का आधार बनाकर पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया जाता है। इसमें नये पà¥à¤°à¤•ार के कालà¥à¤ªà¤¨à¤¿à¤• विचार होते हैं।