वैशाली की नगरवधू, आचारà¥à¤¯ चतà¥à¤°à¤¸à¥‡à¤¨ शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ रचित à¤à¤• हिनà¥à¤¦à¥€ उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ है जिसकी गणना हिनà¥à¤¦à¥€ के सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ में की जाती है। यह उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ दो à¤à¤¾à¤—ों में हैं, जिसके पà¥à¤°à¤¥à¤® संसà¥à¤•रण दिलà¥à¤²à¥€ से कà¥à¤°à¤®à¤¶à¤ƒ 1948 तथा 1949 ई. में पà¥à¤°à¤•ाशित हà¥à¤à¥¤ ' 'वयं रकà¥à¤·à¤¾à¤®:' के à¤à¤• à¤à¤¾à¤— रà¥à¤¦à¥à¤° में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤—वान शिव की वंशावली के बारे में वरà¥à¤£à¤¨ किया है. शिव की वंशावली को उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ततà¥à¤•ालीन समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के रूप में पेश किया है. इतना ही नहीं उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पृथà¥à¤µà¥€ के अधिकांश हिसà¥à¤¸à¥‡ में हमारे पौराणिक पातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के आधिपतà¥à¤¯ होने का उलà¥à¤²à¥‡à¤– किया है.