आपक अवचतन मन क शकत ड. जसफ मरफ दवर लख गय अगरज पसतक 'द पवर ऑफ यर सबकनससयस क हद अनवद ह यह पसतक आपक सकरतमक सच क जगकर अवचतन मन क शकतय क उजगर करग यह à¤à¤• à¤à¤¸ पसतक ह ज आपक मसतसक क ऊरज परदन करग और आपक अदर à¤à¤• मजबत गणवतत क वकस करग जसस आप अपन जवन म सफलत और समदध आसन स परपत कर सकत ह यह पसतक आपक वशवस क बढकर दनय म आपक लठखश, सफलत और और शत क दवर खलग यह पसतक अपन जवन म à¤à¤• बर अवशय पढ